रचनाएँ

शुक्रवार, 20 मार्च 2009

बेचारे गाँधी जी

तीन महापुरुष एक साथ घूम रहे थे
जिनके नाम कुछ इस प्रकार हैं:
महात्मा गाँधी, अमिताभ बच्चन, और जवाहर लाल.
इन सबको संडास जाना था
और इन सबके पास एक रेडियो था.
इन लोगो ने एक-दूसरे से कहा की….
जब एक संडास जाएगा तो रेडियो मैं उसके लिये..
एक गाना चलाया जाएगा…….
अब सबसे पहले अमिताभ बच्चन गए..
और जब वो बाहर आये तो बहुत खुश थे.
बाकी दोनो ने उनसे उनकी खुशी का कारन पूछा
तो उन्होंने बताया की उनकी बरी में “आशीक बनाया अपने” गाना बजा और उन्होंने बड़े मेज़ से संडास कीया………………………………………….
अब दुसरे नम्बर पर जवाहर लाल संडास को जाते हैं …………………………………………………….
और वो भी जब बाहर आये तो बहुत खुश थे.
बाकी दोनो ने भी उनसे उनकी खुशी का कारन पूछा
तो उन्होंने बताया की उनकी बरी में “भीगे होठ तेरे” गाना बजा और उन्होंने बड़े मेज़ से संडास कीया………………………………………………..
अब गाँधी जी की बारी थी,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
वो भी संडास को गए……………………………….
लेकीन जब वो संडास से वापस आये तो……………
बड़े गुस्से में थे………………………………………
जब बाकी दोनो ने उनसे पूछा की वो इतने गुस्से में क्यों हैं…………………………………………………
तब उन्होंने गुस्से में बताया की मेरी बारी में……..
राष्ट गान कीसने लगाया…………………………..
हा हा हा हा हा हा हा हा हा अह आहा हा हा हा हा


कोई टिप्पणी नहीं:

 

Softwares

इन्हें भी देखे

Registration on my Blog

Name:
Email Address:
Blog Url
Contact No.
RSS or ATOM feed of your blog

form mail

ब्लॉग सूची