रचनाएँ

शनिवार, 21 मार्च 2009

तीन सयाने


एक पुलिस ऑफिसर तीन 'सयानों' से बात कर रहा था जो कि 'जासूसी' का प्रशिक्षण ले रहे थे। व्यक्ति विशेष को पहचानने के उनके कौशल कै परीक्षा लेने के लिए उसने पहले 'सयाने' को एक तस्वीर 5 सेकण्ड तक दिखायी और फिर उसे हटा लिया। "ये संदेहास्पद व्यक्ति है। आप इसे कैसे पहचानेंगे।"

पहले ने जवाब दिया "ये तो आसान है। हम उसे पकड़ लेंगे क्योंकि उसकी केवल एक आंख है।"

पुलिस ऑफिसर ने कहा "अरे वो तो ऐसा इसलिए दिख रहा है क्योंकि तस्वीर इस ढंग से ली गयी है।"

इस ऊटपटांग जवाब से थोड़ा निराश और गु.स्से में आकर उसने वो तस्वीर 5 सेकण्ड दूसरे 'सयाने' को दिखायी और फिर पूछा "ये आपका सन्देहास्पद व्यक्ति है। आप इसे कैसे पहचानोगे।"

दूसरे सयाने ने हंसते हुए कहा "इसे पकड़ना तो बहुत ही आसान है क्योंकि इसका केवल एक ही कान है।"

पुलिस ऑफिसर ने ग़ुस्से में आकर कहा "तुम दोनों के साथ दिक्कत क्या है। ठीक है इस इस तस्वीर में केवल एक कान और एक आंख दिख रही है मगर ऐसा इसलिए है क्योंकि ये तस्वीर बगल से खींची गयी है। क्या यही तुम्हारी सोच है।"

बेहद हताश से पुलिस ऑफिसर ने तीसरे 'सयाने' को तस्वीर दिखायी और अपने को शांत बनाये रखते हुए पूछा "यह तुम्हारा अपराधी है। तुम इसे कैसे पहचानोगे।"

और उसने तुरंत जोड़ा "बेवकूफाना जवाब देने से पहले अच्छी तरह सोचो।"

तीसरे सयाने ने एक क्षण के लिए तस्वीर को देखा और कहा "हूं . . . . . अपराधी कॉन्टेक्ट लेन्स पहनता है।"

पुलिस ऑफिसर स्तब्ध और विस्मित सा हो गया क्योंकि उसे खुद पता नहीं था कि वो कॉन्टेक्ट लेन्स पहने है या नहीं। "ये एक अच्छा जवाब है . . . . । कुछ देर यहीं रूकना तब तक मैं इसकी फाइल की जांच करके मालूम करता हूं। वह अपने ऑफिस गया और कम्प्यूटर पर उस व्यक्ति की फाइल देखी और एक बड़ी सी मुस्कान लिए वापस आया। "वाह। मैं तो विश्वास न्हीं कर पा रहा हूं। यह सही है। अपराधी वास्तव में कॉन्टेक्ट लेन्स पहनता है। बहुत अच्छे। इतना अच्छे निष्कर्ष का तुमने कैसे अनुमान लगाया।"

'ये तो बहुत आसान है।' सयाने ने जवाब दिया। 'वो सामान्य लोगों की तरह चश्मा तो पहन नहीं सकता क्योंकि उसकी केवल एक आंख है और एक कान।"

कोई टिप्पणी नहीं:

 

Softwares

इन्हें भी देखे

Registration on my Blog

Name:
Email Address:
Blog Url
Contact No.
RSS or ATOM feed of your blog

form mail

ब्लॉग सूची