रचनाएँ

मंगलवार, 6 अक्तूबर 2009

दीवाली में दीवाला


देखो देखो दिवाली आयी
रंग बिरंगी रोशनी लाई
ये त्यौहार है खुशियो वाला
महा लक्ष्मी के पूजन वाला

आओ सब मिली खुशी मनाये
आओ जलाये दीपों की माला
लक्ष्मी जी की पूजा करे
हो जाए सब जगह उजाला

लेकिन महंगाई के आलम में तो
सबका हुआ है हाल बेहाला
हम तेल के दीप को तरस रहे
कोई दीप जला रहा घी वाला

अबकी दीवाली तो हो गयी फीकी
आलू - शक्कर ने दम निकला
मंत्री नेता की हो रही दीवाली
और अपना तो निकल गया दीवाला

2 टिप्‍पणियां:

vinay ने कहा…

इस बार की दीवाली ने तो आम लोगों का दीवाला ही,निकाल दिया ।

tulsibhai ने कहा…

" bahut hi sahi kaha hai aapne ...aapki lekhni ko salam "

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

http://hindimasti4u.blogspot.com

 

Softwares

इन्हें भी देखे

Registration on my Blog

Name:
Email Address:
Blog Url
Contact No.
RSS or ATOM feed of your blog

form mail

ब्लॉग सूची