रचनाएँ

गुरुवार, 1 अक्तूबर 2009

जीवन अधुरा सा लगता

आप अगर न आते मेरे जीवन मैं
ये जीवन अधूरा नजर आता हमें
कल तक जो अजनबी था मेरे लिए
आज उसी को दिल चाहता हे हर खुशी के लिए
कोई हे जो दुआ करता हे अपनों मैं
कुछ मीठे पल याद आते हे सपनो मैं
मन का पुलकित दीप समर्पित किया तुम्हें
आप हमेशा खुश रहो यही दुआ देते हे तुम्हें
आओ हम आपको आखो मैं छुपा ले
बेकरार दिल की धड़कन बना ले
तेरी हर अदा मोह्ह्बत सी लगती हे
जिन्दगी के हर लम्हे में आपकी जरुरत सी लगती हे
आपके जीवन में हमेशा खुशिया रहे
जीवन भर एक दुसरे का साथ रहे
एक पल भी तेरी जुदाई नहीं सहेंगे हम
आपसे बिछुड़कर एक पल जी न सकेंगे हम



आप अगर .................................................................

4 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

अच्छा लगा पढ़कर.

raj ने कहा…

jeevan adhura to lagta hai par eska koee hal nahi apne apne adhurepan ke ath jeena padta hai...

शरद कोकास ने कहा…

हम भी आ गये हैं आपके जीवन मे

SACCHAI ने कहा…

" adhurepan ka ehsaas to hume bhi hai ...bahut gahera hota hai ye ehsaas ....dard aur diwaana pan ..yahan chalk rahe hai ...."

behtarin

----- eksacchai { aawaz }

 

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