रचनाएँ

सोमवार, 2 नवंबर 2009

जीवन का आधार

http://p4poetry.com/wp-content/uploads/2008/06/love_moon_cats1.jpg

जब एक प्रेम का धागा जुड़ता है,
दिल का कमल तब ही खिलता है

देखता है खुदा भी आसमान से जमीन पर
जब एक दिल दूसरे से बेपनाहा मोहब्बत करता है

सुलगने लगता है तब धरती का सीना भी
जब कोई आसमान बन के बाहो में पिघलता है

लिखी जाती है तब एक दस्तान-ए -मोहब्बत
तब कही जा कर अमर-प्रेम लोगो के दिलों में उतरता है!!


प्रेम जीवन का आधार है, इसके बिना इंसान मशीन बन जायेगा। प्रेम ही जीवीत और अजीवीत मे फर्क करता है...

कोई टिप्पणी नहीं:

 

Softwares

इन्हें भी देखे

Registration on my Blog

Name:
Email Address:
Blog Url
Contact No.
RSS or ATOM feed of your blog

form mail

ब्लॉग सूची