
किया बहुत विश्वासघात तुमने जनता के साथ,
आश्वासन देकर दिखलाया अपना डूंडा हाथ,
अपना डूंडा हाथ दिखाया और कहा हम लूले
गद्दी पाकर तुमने अपने सारे वादे भूले,
सारे वादे भूल गये बन बैठे तुम हिरणाक्ष
किये दलाली रिश्वत खोरी मिटा दिये सब साक्ष
मिटा दिये सब साक्ष देश को किया खोखला
स्वार्थ सिद्ध के हेतु दल-बदल हुए दोगला
हुये दोगला और बताया यह दल एकदम खोटा
तुम तो नेता जी निकले 'बिना पेंदी का लोटा'


















2 comments:
सुंदर हास्य है ...... नेताओं पर गहरा कटाक्ष है ..
अच्छा कटाक्ष है... बहुत सुन्दर......!!
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