रचनाएँ

गुरुवार, 31 दिसंबर 2009

तुम गए तो.....


तुम गए तो गए बस इतना कहकर जाते
कब आवोगे तुम हमसे मिलने इतना तो बताते.
बोल नहीं सकते तो एक ख़त ही लिख कर छोड़ जाते
तुम गए तो गए बस इतना कहकर जाते.
कब तक करूँगा तुम्हारा दीदार ये समझ में नहीं रहा
अब तो बस तुम्हारे आने काही इन्तेजार रहा
अगर तुम्हारी कोई मज़बूरी है तो ख़त लिखकर ही भिजवाते
हमे अकेला इस हाल में छोड़कर इस कदर सताते
तुम गए तो गए बस इतना कहकर जाते
कब आवोगे तुम हमसे मिलाने इतना तो बताते.
तुम किस हाल में हो ये भी नहीं बता रहे
हम तो हर पल तुमको याद करते है बस इतना ही तुमको जाता रहे
तुम गए तो गए बस इतना कहकर जाते
कब आवोगे तुम हमसे मिलाने इतना तो बताते.

1 टिप्पणी:

अल्पना वर्मा ने कहा…

ये इंतेज़ार भी बहुत दुखद होता है.ईश्वर करे आप का यह इंतज़ार जल्दी ख़तम हो.
नये वर्ष की शुभकामनाए .

 

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