दिल का दर्द




अपने ज़ख्म ज़माने  को दिखता रहा हू मैं
सीने में एक दर्द को छिपाता रहा हू मैं
ज़ालिम ने दिल के बदले दर्द क्यों दिया
छिप छिप के आँसू बहाता रहा हू मैं 

आयेगी वो कभी लौटकर यही आस लिए 
अपने  दिल  को हरपल समझाता रहा हू मैं 
मालूम था मुझे  कि  संगदिल है वो तो 
फिर भी जाने क्यू उसे ही चाहता रहा हू मैं 

गर्व से कहो हम हिंदी है




सबसे सरल जानी पहचानी 
राष्ट्र भाषा वो हिंदी है 
लोकप्रिय हो रही विश्व में 
भारत की गरिमा हिंदी है 


हाहाकार क्यों हिंदी को लेकर 
धर्मो का मंथन हिंदी है 
पैदा हुई संस्कृत की कोख से
भाषा की बड़ी बहन हिंदी है


दुनिया मै डंका बजा दिया
अंग्रेजी का दावा झुठला दिया
अस्तित्व को चुनौती दे करके 
अपना साम्राज्य फैला ही लिया


भाषा तो कई मौजूद यहाँ 
अपनी पहचान तो हिंदी है
भाषा के भेदभाव छोड़कर
गर्व से कहो हम हिंदी है 

इक लड़की को हो गया है प्यार !


पहले
देख कर छुपाती थी वो 
अबके छुप - छुप कर देखती है 
वोह दौर था बचपन का 
  यह दौर है जवानी का 

मन उसका सुमन तन सुकोमल चहेरा माहताब 
कभी अपने हाथ से अपनी ऊंगलियों को छूती है 
तो कभी आईने में देख खुद को
खुद से ही शर्माती है 
अब तो शाम का रंग बिरंगी आसमान भी 
उसे लुभाने लगा है 

रात को आसमान के तारे गिनती है वो 
जिसे तोड़ लाने की बात कही है 
किसी ने देख चाँद को
चौकती है वोह मुस्कराती है और छुपा लेती है 
अपने आपको रात के आगोश में वो
रात को नींद में तकिये को आगोश में ले लेती है
और फिर अचानक आधी रात को 
नींद खुलते ही देख तकिए को मूस्कुराती है 
फिर इक सुखद नींद में सो जाती है 
इक लड़की को हो गया है प्यार !!!!

मेरी प्रेम कहानी


आज वही बस स्टॉप था, जिसके इस पार हम और उस पार वो खड़ी थी
हम भी नज़रें झुकाए खड़े थे और वो भी कुछ शरमाई लग रही थी
मेरी सोच एक उलझान में पड़ी थी,बोल ही दूंगा दिल की हर बात आज
ये हिम्मत काफी देर से दिल के साथ झगड़ रही थी

इतने में देखा एक आंटी जी ,हमारे सामने खड़ी थी
पूछने लगी बेटा पहचाना मुझे, मेरी मुंडी के इशारे में मुड़ी थी
बोली तेरी चचेरी मौसी हु मैं,ये कहते ही उनके चेहरे
की मुस्कान इंच और बड़ी थी

पर हमारा दिल तो उनक पीछे कड़ी उस लड़की के लिए धड़क रहा था
मौसी की हर बात इस धड़कन के शोर में गुम हो रही थी
इतने में मौसी जी बोली उस लड़की से, पीछे मत खड़े हो
आगे आओ अपने चचेरे भाई से मिलो

मौसी जी की इस बात को सुनकर ४४० वोल्ट का झटका लगा
प्यार का महल जो कुछ देर पहले बना था वो टूट गया
ऐसा लगा दो प्यार के पंछी मिलने से पहले बिछड़ गए
दिल रोया पर होठों पर मुस्कान खिल रही थी,
इतने में बस आई और वो दोनों चले गए

तभी हमारी नज़र उसी जगह पे पड़ी जहा कुछ
देर पहले हमारी पहली मोहब्बत खड़ी थी
अभी वहा एक और सुंदरी खड़ी थी
दिल में प्यार की नई कली खिल रही थी
दिल की ख़ुशी मुस्कान बनकर चेहरे पे खिल रही थी,
एक नई प्रेम कहानी करवट ले रही थी

आज वही बस स्टॉप था, जिसके इस पार हम और
उस पार वो खड़ी थी


-रिमी शर्मा

एक मजेदार कहानी


मेरे 4 दोस्त है 
उनK नाम Bरेन्द्र, G तेन्द्र, Kलाश और राJन्द्र है। 
एक दिन हम Uरोप गए। 
वहां G तेन्द्र का घर था 
उसK पिताG और भाEसाहब Aटा गए थे 
वहां हमने अ4 से रोT खाE फिर बाज़ार गए। 
बाजार से Dनर K लिA मैंने Kला, Bरेन्द्र ने Iस्क्रीम, 
Kलाश ने पPता और Gतेन्द्र ने Oरेंज खरीदे। 
घर आते समय रास्ते में हमे Aक मंदिर मिला 
वहां बोर्ड पर लिखा था - G, O और G ने 2 

एक नाज़ुक सी लड़की


एक
नाज़ुक सी लड़की 
नर्म सा एक दिल था 
शर्म उसका सिंगार था 
कर्म मैं ही जीवन था 
धर्म मैं मिलता सकून था 

एक नाज़ुक सी लड़की 
आँखों मैं सपने थे 
आशाओं के गुल्दास्ते थे 
सब को खुश रखने के अरमान थे 
आस्मां को चुहने के इज़हार थे 
 
एक नाज़ुक सी लड़की 
सच का रास्ता ही अपना था 
हर इंसान रब का ही तो रूप था 
मुश्किलों से डरना नही था 
काली घटा मैं भी दीखता सूरज था 

एक नाज़ुक सी लड़की 
जालिमों को नही दिखा उसका प्यार 
बेदर्दी से करदिया वजूद को पार 
दिल मैं थी बोहोत सारी झंकार 
लेकिन ज़िन्दगी ने दिया उसे मार 
  
एक नाज़ुक सी लड़की 
अब कहाँ है उसकी मंजिल 
वो तो होगा ही बे महफ़िल
बस एक ही बात बोले ज़ख़्मी दिल 
ओह मेरे रब--नूर मुझसे मिल.......

चुटकियाँ


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पाकिस्तानी क्रिकेट को करारा झटका
सात खिलाडिय़ों को बाहर पटका
देकर इनको बड़ी बुरी सजा
पीसीबी ने शर्मनाक प्रदर्शन गटका
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सचिन को मिले भारत रत्न
हर कोई कर रहा है प्रयत्न
संसद में भी अब उठी है मांग
नेताओं को मिला काम का प्रश्न
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आईपीएल की गिरी कमाई
आयोजकों ने जुगाड़ भिड़ाई
गंभीर,सचिन,गांगुली पे लगा जुर्माना
कर ली एक झटके मे कमाई
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भारतीय लोकतंत्र
तेरी किस्मत
कितनी खोटी है
पहले होती थी राजनीति
वोटों पर
अब नोटों पर होती है
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सुमित ‘सुजान’, ग्वालियर

नव संवत्सर ...


नव संवत्सर के शुभ अवसर पर शत शत बधाइयाँ.
प्रिय साथियों ..........  
 आज का दिन हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है,  आज ही के दिन हमारा नव संवत्सर प्रारम्भ होता है,  प्रभु श्री राम का राज्याभिषेक,  सम्राट विक्रमादित्य द्वारा शकों का दमन,  आज के दिन स्वामी दयानंद स्वामीजी ने आर्य समाज की स्थापना की थी !!  नवरात्री स्थापना,  महर्षि गौतम का जन्मदिवस,  संत झुलेलाल का प्रकाश पर्व,  चेती चाँद का त्यौहार,  गुडी पडवा त्यौहार (महराष्ट्र)  उगादी त्यौहार (दक्षिण भारत)  आपको विक्रम संवत  एवं समस्त भारतीय त्योहारों के शुभ अवसर पर शत शत बधाइयाँ.  आदर सहित  
-निर्भय जैन

मैं और मिसेज खन्ना




मैं और मिसेज खन्ना 
अक्सर चाय पीते है रोजाना शाम को 
उस वक़्त भूल जाते है हर किसी काम को

मौसम बदला वक़्त गुजरा
पर नहीं बदला हमारा चलन 
युही चुसकिया लेते रहे हम 
  एक दिन सहसा मेरा बेटा पास आया 
चाय के वक़्त ही उसने हमें डराया
वह बोला डेडी 
कल चाय के वक़्त मेरी शादी है 
जाना
मै घबराया और पूछा
बता रहा है या बुला रहा है 
बेटा ये कैसा गजब ढाता है 
तू भूल गया मै तेरा पिता 
और ये तेरी माता है 

भला अपनी शादी मै
कोई माँ बाप को ऐसे बुलाता है
तभी मन मै ख्याल आया
जमाना बदल रहा है
 ये तो बुला भी रहा है 
अब तो शायद .......

आज़ादी का गीत


हम ऐसे आज़ाद हमारा झंडा है बादल। 
चाँदी सोने हीरे मोती से सजती गुड़ियाँ। 
इनसे आतंकित करने की बीत गई घड़ियाँ 
इनसे सज धज बैठा करते जो हैं कठपुतले 
हमने तोड़ अभी फेंकी हैं बेड़ी हथकड़ियाँ 
परंपरा गत पुरखों की हमने जाग्रत की फिर से 
उठा शीश पर रक्खा हमने हिम किरीट उज्जवल 
हम ऐसे आज़ाद हमारा झंडा है बादल। 
चाँदी सोने हीरे मोती से सजवा छाते 
जो अपने सिर धरवाते थे वे अब शरमाते 
फूलकली बरसाने वाली टूट गई दुनिया 
वज्रों के वाहन अंबर में निर्भय घहराते 
  इंद्रायुध भी एक बार जो हिम्मत से 
ओटे छत्र हमारा निर्मित करते 
साठ कोटि करतल हम ऐसे 
आज़ाद हमारा झंडा है बादल। 
 - हरिवंश राय बच्चन

गद्दी के कद्दू होशियार


टी वी दर्शन आपके स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है

जर्नल आफ अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार गद्दी पर बैठ प्रतिदिन प्रत्येक घन्टे टी वी देखने वाले को हृदय की रक्त वाहिनियो के रोगो से मृत्यु का खतरा बढता जाता है।
आस्ट्रेलियाई अनुसंधानियो ने ८८०० वयस्को के जीवन शैली का अवलोकन किया और पाया कि टी वी के सामने बिताए गए प्रत्येक घन्टे ने उनके सभी बीमारियो से पैदा मृत्यु के खतरे को ११ % बढाया, और् कैन्सर से मृत्यु के खतरे को ९ %, तथा हृदय की रक्त वाहिनियो के रोगो से मृत्यु के खतरे को १८ % बढाया। अर्थात टीवी दर्शन न केवल हृदय की रक्त वाहिनियो के रोगो को बढाता है वरन अन्य सभी रोगो के खतरे को भी बढाता है!!
प्रतिदिन दो घन्टे से कम देखने वालो की तुलना में ४ घन्टे देखने वालो को सभी कारणो से मृत्युका खतरा ४६ % अधिक था, और हृदय की रक्त वाहिनियो के रोगो से खतरा ८० % अधिक था!! और् ऐसा भी पाया कि उपरोक्त खतरे का बढना हृदय की रक्त वाहिनियो के रोगो के अन्य कारणो जैसे सिगरेट पीने, उच्च रक्त चाप, जंक भोजन, तोद और व्यायाम आदि से प्रभावित नहीं था, अर्थात यह दोनो कार्य एक दूसरे से स्वतंत्र होकर कार्य करते हैं।
उपरोक्त अवलोकन यह भी इंगित करते हैं कि कोई भी लम्बे बैठे- बैठे किए गए दैनिक कार्य, जैसे कम्प्यूटर पर कार्य, स्वास्थ्य पर खतरा बढा सकते हैं। विक्टोरिया (आस्ट्रेलिया) में एक हृदय एवं मधुमेह संस्थान है, उसमें उपापचय (मेटाबोलिज़म) तथा मोटापा विभाग है, जिसके शारीरिक गतिविधि अनुभाग के प्रोफ़ैसर एवं अध्यक्ष तथा डा (पीएचडी) डेविड डन्स्टन का कहना है कि मानव शरीर का विकास लम्बे समय तक बैठने के लिये नहीं वरन गतिशील रहने के लिये हुआ है।
उस लेख के प्रथम लेखक डन्स्टन ने कहा कि प्रौद्योगिकी, सामाजिक तथा आर्थिक परिवर्तनो के फ़लस्वरूप अब मनुष्य को अपनी पेशियां का उपयोग करने का अवसर कम मिलता है।अधिकांश मनुष्य तो एक कुर्सी से दूसरी कुर्सी, एक कार से दूसरी कार – बल्कि कार की सीट से टीवी के सामने की कुर्सी तक ही हिलते डोलते है।

उन्होने कहा कि, “यदि कोई व्यक्ति स्वस्थ्य है, और उसका वजन ठीक है, वह भी यदि लम्बे समय तक बैठे ठाले कार्य करता है तब उसके शरीर की रक्त शर्करा तथा वसा पर बुरा असर पडता है!!

इस शोध में ग्लूकोज़-सह्यता की मौखिक तथा रक्त के नमूनो की रासायनिक जांच की गई है।उऩ्होने कहा कियद्यपि यह शोध आस्ट्रेलियाई वयक्तियो पर की गई है, तथापि यह सभी मनुष्यो पर लगती है।आस्ट्रेलियाई औसतन तीन घन्टे प्रतिदिन टीवी देखता है और अमरीकी आठ घन्टे; अमेरिका में अधिक वजन तथा मोटापे से पीडित लोगो का अनुपात दो तिहाई है।
उनका निष्कर्ष सीधा साधा है - “ अधिक बैठना स्वास्थ्य के लिये हानिकारक है"।

-विश्व् मॊहन तिवारी

साभार - कल्किओंन.कॉम


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