सोमवार, 31 अगस्त 2009

मुझे याद रखना

मेरी तुमसे बस इतनी सी है इल्तेज़ा
हमेशा मुझे याद रखना
मेरे साथ जो पल बीते है तुम्हारे
कम से कम उन्हें तो यद् रखना
जो भी प्यार करते है आपको
उनमे मेरा नाम याद रखना
अगर मुश्किल हो याद करना
तो बस एक काम करना
बना लेना कोई और हमसाया
फ़िर उसे ही याद रखना
भूले से भी आजाये याद हमारी
तो ये समझना
की बड़ा मुश्किल है मुझे याद रखना

3 टिप्‍पणियां:

विनय ‘नज़र’ ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति
--->
गुलाबी कोंपलें · चाँद, बादल और शाम

Science Bloggers Association ने कहा…

Sundar bhaav.
-Zakir Ali ‘Rajnish’
{ Secretary-TSALIIM & SBAI }

खुशदीप सहगल ने कहा…

अपने लिए जिए तो क्या जिए,
तू जी ऐ दिल, ज़माने के लिए

 

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